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दिव्यांगजनों के साथ देश, समाज और परिवार खड़ा है- राज्यपाल श्री डेका

 दिव्यांगजनों के साथ देश, समाज और परिवार खड़ा है- राज्यपाल श्री डेका

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

श्रवण व दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के कौशल उन्नयन शिविर का राज्यपाल ने किया अवलोकन

रायपुर : छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम तथा महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रवण एवं दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के कौशल उन्नयन शिविर का राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज अवलोकन किया और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन किया।

श्रवण व दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के कौशल उन्नयन शिविर का राज्यपाल ने किया अवलोकन

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि दिव्यांगजन अकेले नहीं हैं, उनके साथ पूरा देश, समाज और परिवार खड़ा है। यह शिविर केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना ही सच्चा सशक्तिकरण है। दिव्यांगता बाधा नहीं, क्षमता का माध्यम बने।

राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांग भाई-बहनों की चुनौतियाँ अक्सर समाज की नजरों से ओझल रह जाती हैं, जबकि उनकी क्षमताएँ असाधारण होती हैं। हमारी व्यवस्थाएँ ऐसी होनी चाहिए कि दिव्यांगता बाधा न बने, बल्कि उनकी प्रतिभा और सामर्थ्य को सामने लाने का माध्यम बने। उन्होंने कहा कि समर्थ भारत और विकसित भारत @2047 का संकल्प तभी साकार होगा, जब दिव्यांगजनों को समान अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भरता मिले। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सहायता के साथ-साथ स्वावलंबन पर जोर देता है।

राज्यपाल ने दिव्यांगजनों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें और आगे चलकर दूसरों को भी रोजगार देने का माध्यम बनें। उन्होंने कहा कि आप में गिरने के बाद उठने की शक्ति है और समाज आपकी इस यात्रा में आपके साथ है। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सेवा भावना और संवेदना  मजबूत है। दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए संस्थाओं और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।

राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए रैंप, सुलभ शौचालय, बाधा-रहित भवन, स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विदेशों की तरह हमें भी दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान और स्वीकार्यता का वातावरण बनाना होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शिविर दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा देगा और वे विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। जैनम मानस भवन नया रायपुर में यह कौशल उन्नयन शिविर 23 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए 1000 से अधिक श्रवण एवं दृष्टिबाधित दिव्यांगजन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जो इस आयोजन की व्यापकता और प्रभाव को दर्शाता है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, रायपुर के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया तथा महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष श्री पुष्प जैन ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की संचालक  श्रीमती रोक्तिमा यादव, अन्य अधिकारी, संस्था पदाधिकारी, दिव्यांगजन एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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